Sunday, November 18, 2018

ऐड गुरु और थिएटर आर्टिस्ट एलेक पद्मसी का निधन

एलेक पद्मसी भारतीय विज्ञापन जगत के उन चुनिंदा लोगों में शुमार थे जिन्होंने भारतीय विज्ञापनों की दुनिया को एक वैश्विक पहचान दी.

उनके सबसे यादगार विज्ञापनों में 'हमारा बजाज' और 'लिरिल गर्ल' जैसे विज्ञापन शामिल हैं जो आज भी लोगों के ज़हन में अपनी जगह बनाए हुए हैं.

आज़ाद सोच और जवां अंदाज़ के साथ ज़िंदगी जीने वाले एलेक पद्मसी ने 90 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया.

सोशल मीडिया पर उनकी मौत की ख़बर आने के बाद मनोरंजन क्षेत्र से लेकर राजनीति और पत्रकारिता जगत के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है.

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने पद्मसी को याद करते हुए लिखा है, "हमारे विज्ञापन जगत की सबसे महान व्यक्ति, क्रिएटिव गुरू और थिएटर पर्सनालिटी एलेक पद्मसी की मौत के बारे में जानकर बेहद दुख हुआ. मेरी संवेदना उनके परिवार, दोस्तों और सहयोगियों के साथ है."

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अभिनेता बोमन ईरानी ने भी पद्मसी को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा है, "ए़ड गुरु और थिएटर की दुनिया के महारथी पद्मसी की मौत की ख़बर सुनकर बेहद दुखी हूं. थिएटर की दुनिया में मुझे पहला ब्रेक उन्होंने ही दिया. उन जैसा अब कोई नहीं होगा."

कौन थे एलेक पद्मसी?
साल 1928 में एक गुजराती परिवार में पैदा होने वाले एलेक पद्मसी को विज्ञापन की दुनिया का पितामह कहा जाता था.

'एडवरटाइज़िंग मैन ऑफ़ द सेंचुरी' कहे जाने वाले एलेक पद्मसी को साल 1999 में पद्मश्री सम्मान से भी नवाज़ा गया.

एडवरटाइज़िंग क्षेत्र से जुड़े लोग बताते हैं कि अस्सी के दशक में एडवरटाइज़िंग क्षेत्र के लोगों के बीच एक चुटकुला प्रचलित था.

कहा जाता था कि अगर आपको गॉड तक पहुंचना है तो पोप के पास जाना ही होगा.

इस जोक के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है.

कहा जाता है कि अस्सी के दशक में एलेक को 'गॉड' कहा जाता था और उनकी एक सेक्रेटरी भी हुआ करती थीं जिनका उपनाम पोप होता था.

विज्ञापन जगत में एक लंबा समय गुजारने वाले एलेक पद्मसी कहते थे कि आइकॉनिक ब्रांड्स वो होते हैं जो कंपनियों के ख़त्म होने के बाद भी लोगों के ज़हन में बने रहते हैं.

एलेक पद्मसी ऐसे ही 100 ब्रांड्स को अस्तित्व में लेकर आए.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

उन्होंने अपंग बच्चों पर एक शॉर्ट फ़िल्म 'स्टोरी ऑफ़ होप' भी बनाई जिसे विज्ञापन की दुनिया के ऑस्कर अवॉर्ड कहे जाने वाले इंटरनेशनल स्लियो हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया गया.

विज्ञापन की दुनिया में ये सम्मान पाने वाले एलेक पद्मसी अकेले भारतीय थे.

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दो ज़िंदगियां जीने वाले पद्मसी
एलेक पद्मसी को विज्ञापन की दुनिया का बेताज बादशाह कहा जाता है.

लेकिन उन्होंने थिएटर और सिनेमा की दुनिया में भी ऐसा काम किया जिससे लोग हैरत में पड़ जाते हैं.

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