Monday, December 31, 2018

कश्मीरः हिंसा, हत्या, रेप, राजनीति- कैसे बीता 2018?

चरमपंथ से जुड़ी 587 घटनाएं, सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में 250 चरमपंथियों की मौत. इनके अलावा मरने वालों में 52 आम नागरिक और 86 सुरक्षाबल.

गृह मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक़ साल 2018 कुछ ऐसा रहा जम्मू और कश्मीर के लिए. ये आंकड़े दो दिसंबर, साल 2018 तक के हैं.

हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस साल जम्मू कश्मीर में इससे कहीं ज़्यादा लोग हताहत हुए हैं.

चरमपंथी हिंसा के लिहाज़ से 2018 जम्मू और कश्मीर के लिए न सिर्फ़ उथल-पुथल भरा रहा बल्कि सियासी मोर्चे पर भी ये सूबा राजनीतिक स्थिरता की तलाश करता रहा.

कश्मीर की हलचल पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों की राय में बीते एक दशक में इस साल घाटी ने सबसे ज़्यादा हिंसक घटनाएं देखीं.

राजनीतिक उथलपुथल, चरमपंथ से जुड़ी परिस्थितियों में भड़की हिंसा के अलावा कठुआ रेप, वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुख़ारी की हत्या जैसी घटनाओं ने भी जम्मू और कश्मीर में माहौल को अशांत किया.

कठुआ रेप केस
साल 2018 की शुरुआत में ही जनवरी में जम्मू के कुठआ में बकरवाल समुदाय की एक आठ साल की बच्ची को अगवा कर गैंग रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई. इस घटना को लेकर जम्मू और कश्मीर में हालात कई दिनों तक तनावपूर्ण रहे.

राज्य विधानसभा से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया तक इस मामले की गूंज सुनी गई. इस घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया. कई दिनों तक कश्मीर में बच्ची को इंसाफ़ दिलाने के लिए प्रदर्शन होते रहे.

जबकि जम्मू में अभियुक्तों के समर्थन में हिंदू एकता मंच के साथ मिलकर बीजेपी के नेताओं ने रैली निकाली थी.

अभियुक्तों के समर्थन में रैली निकालने के बाद और रैली में बीजेपी के नेताओं के शामिल होने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दबाव की वजह से दो मंत्रियों को पद छोड़ना पड़ा.

हिंदू एकता मंच और बीजेपी के नेता घटना की सीबीआई जाँच की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जाँच की मांग ख़ारिज करते हुए केस की सुनवाई राज्य से बाहर पंजाब शिफ्ट कर दी , जहां 31 मई 2018 से केस का ट्रायल चल रहा है.

पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या
इस साल जून में वरिष्ठ पत्रकार और राइज़िंग कश्मीर नाम के अख़बार के संपादक शुजात बुखारी की श्रीनगर में अनजान बंदूक धारियों ने गोली मार कर हत्या कर दी.

पुलिस ने इस हत्या लिए चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा को ज़िम्मेदार ठहराया.

बाद में पुलिस ने दावा किया कि शुजात की हत्या के दो अभियुक्तों को मुठभेड़ में मार दिया गया है.

महबूबा सरकार का गिरना

राज्य में जारी हिंसा के बीच 19 जून को अचानक बीजेपी ने अपनी सहयोगी पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया.

समर्थन वापस लेने के बाद राज्य में महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व वाली बीजेपी-पीडीपी की गठबंधन सरकार गिर गई.

सरकार गिरने के बाद राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया. राज्य में आए नए राज्यपाल सत्यपाल मालिक को एनएन वोहरा की जगह राज्यपाल बनाया गया. जून में एनएन वोहरा के दस साल पूरे चुके थे.

राज्य में छह महीने तक चलने वाला राज्यपाल शासन 20 दिसंबर को समाप्त हो गया. 20 दिसंबर को राज्य में क़रीब 21 साल के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है.

Wednesday, December 26, 2018

दाखिले के लिए आधार मांग रहे स्‍कूल, UIDAI ने कहा-यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)ने स्‍कूलों से कहा है कि बच्चों के दाखिले से पहले 12 अंकों वाली बायोमीट्रिक संख्या मुहैया कराने की शर्त नहीं रखें. यूआईडीएआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा करना उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के खिलाफ होगा. यूआईडीएआई ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब दिल्ली के 1,500 से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी और प्रवेश स्तर की अन्य कक्षाओं के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई है.

क्‍यों दी चेतावनी

ऐसी खबरें हैं कि कुछ स्कूल दाखिले के लिए आवश्यक दस्तावेजों के नाम पर आधार की भी मांग कर रहे हैं. यूआईडीएआई ने कहा है कि उसे भी इस तरह की खबरें मिली हैं. यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा, ‘‘यह ठीक नहीं है. यह कानून के प्रावधानों के अनुसार नहीं है. स्कूलों में दाखिले तथा बच्चों की अन्य सुविधाओं के लिये आधार मुहैया कराना अनिवार्य नहीं किया जा सकता है.’’ यूआईडीएआई ने स्कूलों तथा उनके प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी बच्चे को आधार के चलते दाखिले से वंचित नहीं रहना पड़े.

प्रवेश के बाद आधार कार्ड बनवाया जाए

उन्होंने कहा, ‘‘स्‍कूलों को चाहिए कि वे बच्चों को बिना आधार के प्रवेश दें और यह सुनिश्चित करें कि प्रवेश के बाद विशेष शिविर लगाकर उनका आधार कार्ड बनवाया जाए.’’ यह पूछे जाने पर कि आधार की मांग पर अड़े रहने वाले स्कूलों के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई होगी, पांडेय ने कहा कि यह सीधा-सीधा उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना होगी.

क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में फैसला सुनाते हुए आधार कार्ड को संवैधानिक तो बताया लेकिन इसकी अनिवार्यता पर सवाल खड़े किए. कोर्ट के आदेश के बाद स्‍कूलों और अलग-अगल परीक्षाओं में आधार की अनिवार्यता को समाप्‍त कर दिया गया है. इसके अलावा मोबाइल नंबर लेने, बैंक खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य नहीं रह गया है. हालांकि आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार कार्ड अभी भी जरूरी है.

गौरतलब है कि युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों के विलय के विरोध में 26 दिसंबर को हड़ताल का आह्वान किया है, यूएफबीयू शीर्ष नौ बैंक संघों की एक ईकाई है.

फिल्म में राजकुमार एक संघर्षरत गुजराती व्यवसायी के रूप में दिखेंगे और मौनी उनकी पत्नी के किरदार में दिखेंगी. गुजराती निर्देशक मिखिल मुसले की यह पहली बॉलीवुड फिल्म है. वर्ष 2016 की उनकी गुजराती थ्रिलर-फिल्म 'रॉन्ग साइड राजू' को सर्वश्रेष्ठ गुजराती फीचर फिल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

बता दें राजकुमार राव के ल‍िए साल 2018 सफलता के नए आयाम लेकर आया है. उनकी कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफ‍िस पर शानदार प्रदर्शन किया. इनमें न्यूटन, स्त्री जैसी फिल्में शामिल हैं. साल 2019 में राजकुमार राव सोनम कपूर के साथ फिल्म एक लड़की को देखा... में नजर आने वाले हैं.

Sunday, December 16, 2018

पाकिस्तान की जेल से 6 साल बाद छूटकर भारत लौटेंगे हामिद निहाल अंसारी

जासूसी और बिना दस्तावेज़ों के पाकिस्तान यात्रा करने के अपराध में पाकिस्तानी जेल में क़ैद भारतीय नागरिक हामिद निहाल अंसारी की तीन साल क़ैद की सज़ा 16 दिसंबर को पूरी हो रही है.

पेशावर हाईकोर्ट ने हामिद अंसारी को यात्रा से जुड़े दस्तावेज़ जल्द से जल्द मुहैया कराने का आदेश दिया है ताकि उन्हें भारत भेजना संभव हो सके.

कथित तौर पर साल 2012 में फ़ेसबुक पर हुई दोस्ती ने उन्हें ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से अफ़ग़ानिस्तान होते हुए पाकिस्तान पहुंचा दिया. इसके छह साल बाद उनके अपने वतन लौटने की संभावना बन रही है.

हामिद अंसारी को नवंबर 2012 में पाकिस्तान के कोहाट में हिरासत में लिया गया था. इस समय वो मरदान जेल में क़ैद हैं और अपनी रिहाई का इंतज़ार कर रहे हैं.

लड़की से दोस्ती का एंगल
33 साल के हामिद अंसारी मुंबई के रहने वाले हैं. उनके पास मैनेजमेंट साइंस की डिग्री है और उनके परिवार के मुताबिक़, लापता होने से चंद दिन पहले ही उन्होंने मुंबई के कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी शुरू की थी.

उनकी मां फ़ौज़िया अंसारी मुंबई में हिंदी की प्रोफ़ेसर हैं और कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल हैं. उनके पिता निहाल अंसारी बैंकर हैं जबकि उनके बड़े भाई डेंटिस्ट हैं.

पाकिस्तान और भारत के बीच क़ैदियों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता जतिन देसाई ने बीबीसी से कहा, "हामिद ने कई बार पाकिस्तान जाने की ख़्वाहिश का इज़हार किया था लेकिन उन्हें वीज़ा नहीं मिल सका था."

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान जाने से पहले उनकी कई बार हामिद से मुलाक़ात हुई थी और तब ऐसा लगता था कि वो पाकिस्तान जाने पर अड़े थे.

जतिन देसाई के मुताबिक हामिद अंसारी की फ़ेसबुक पर कोहाट की एक लड़की से दोस्ती हुई थी और वो उसी से मिलने पाकिस्तान जाना चाहते थे.

जतिन के मुताबिक हामिद ने कई बार पाकिस्तान का वीज़ा हासिल करने की नाकाम कोशिश की और इसके बाद उन्होंने कोहाट के स्थानीय लोगों से फ़ेसबुक पर संपर्क किया.

चार नवंबर 2012 को हामिद अंसारी ने मुंबई से काबुल के लिए फ़्लाइट ली. उन्होंने अपने परिजनों को बताया था वो एक हवाई कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए जा रहे हैं.

उन्हें 15 नवंबर को घर लौटना था लेकिन काबुल पहुंचने के कुछ दिन बाद घर वालों से उनका संपर्क टूट गया. उनका फ़ोन बंद होने के बाद घर वालों को कुछ संदेह हुआ.

कथित तौर पर इस दौरान हामिद अंसारी काबुल से जलालाबाद गए और वहां से यात्रा के दस्तावेज़ और पासपोर्ट के बिना तोरख़म के रास्ते पाकिस्तान में दाख़िल हुए. वो कुर्क में रुके और कोहाट पहुंचे.

पुलिस का कहना है कि कोहाट के होटल में कमरा लेने के लिए उन्होंने हमज़ा नाम का जाली पहचान पत्र इस्तेमाल किया और उसी दिन पुलिस ने शक़ की बुनियाद पर उन्हें हिरासत में ले लिया.

दूसरी ओर उनके परिवार का कहना है कि जब हामिद अंसारी से बात नहीं हुई तो उन्होंने उनका लैपटॉप देखा और उनके ईमेल और फ़ेसबुक पर होने वाली बातचीत पढ़ी.

उनके परिवार के मुताबिक फ़ेसबुक की बातचीत से ये पता चला कि वो पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के कोहाट की किसी लड़की से बात करते हैं और उसे से मिलने के लिए वहां जाना चाहते थे.

इसके बाद हामिद की मां ने दावा किया था कि उनके बेटे ने फ़ेसबुक पर कुछ पाकिस्तानी लोगों से भी बात की थी और उन्हीं के कहने पर ये रास्ता चुना था.

दूसरी ओर, पाकिस्तान के सरकारी सूचना विभाग के मुताबिक हामिद अंसारी ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वो ग़ैरक़ानूनी तौर पर अफ़ग़ानिस्तान से तोरख़म के रास्ते पाकिस्तान में दाख़िल हुए.

Thursday, December 13, 2018

इमर्जिंग टीम्स कप: भारत ने PAK को हरा फाइनल में बनाई जगह

भारत ने एशियन क्रिकेट काउंसिल इमर्जिंग टीम्स कप के फाइनल में जगह बना ली है. गुरुवार को सेमीफाइनल में उसने पाकिस्तान को 7 विकेट से मात दी. अब फाइनल में 15 दिसंबर को इंडिया इमर्जिंग टीम का मुकाबला बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच के खेले जा रहे दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा.

कोलंबो क्रिकेट क्लब ग्राउंड में इंडिया इमर्जिंग टीम ने 173 रनों का लक्ष्य 135 गेंदें शेष रहते 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया. हिम्मत सिंह ने 28वें ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई.

निर्धारित 50 ओवरों के मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान इमर्जिंग टीम 44.4 ओवरों में 172 रनों पर सिमट गई. एक समय पाकिस्तानी टीम ने 42 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे. लेकिन कप्तान मोहम्मद रिजवान (67) और सऊद शकील (62) की अर्धशतकीय पारियों के दम पर टीम पूरी तरह बिखरने से बच गई.

भारत की ओर से 21 साल के लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय ने 4 विकेट झटके, उनका गेंदबाजी विश्लेषण 9.4-0-38-4 रहा. अंकित राजपूत और जयंत यादव ने 2-2 विकेट निकाले.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को भी शुरुआती झटके लगे. टीम ने 52 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद हिम्मत सिंह (नाबाद 59) और नीतीश राणा (नाबाद 60) ने इंडिया इमर्जिंग टीम को और कोई झटका नहीं लगने दिया. टीम ने 27.3 ओवरों 178/3 रन बनाकर जीत हासिल कर ली.

दूसरे ट्वीट में एक्ट्रेस ने लिखा- ''क्या कोई इस नए चमकदार लोहे के टुकड़े को 18,000 रुपए में खरीदना चाहेगा. चिंता मत करो, मैं इसे बेच रही हूं अमेजन नहीं. इसलिए आपको वहीं मिलेगा जो आपने ऑर्डर किया होगा.''

एक्ट्रेस के ट्वीट के बाद तुरंत अमेजन ने भी जवाब दिया. लिखा- ''ये स्वीकार नहीं किया जा सकता. आपके हालिया शॉपिंग अनुभव के लिए हमें खेद है. हमारी सपोर्ट टीम से बातचीत के अनुभव के लिए भी हम माफी चाहते हैं. कृपया जानकारी शेयर करें. हम आपसे सीधे संपर्क करेंगे.''

सोनाक्षी सिन्हा के साथ हुए इस बुरे अनुभव के बाद ट्विटर पर मौजूद यूजर्स ने भी अमेजन की क्लास लगाई. एक्ट्रेस को सपोर्ट करते हुए ऑनलाइन शॉपिंग एप को जमकर लताड़ा. दूसरी तरफ, सोनाक्षी के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी पिछली रिलीज हैप्पी फिर भाग जाएगी ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक कलेक्शन किया था. उनकी आगामी फिल्मों में टोटल धमाल, कलंक और मिशन मंगल शामिल हैं.

Galaxy S10 के अलग अलग सटोरेज वेरिएंट्स होंगे. इनमें 128GB, 512GBहोंगे. कीमतें भी लीक हुई हैं. 128GB वर्जन की कीमत £899 (लगभग 81,503 रुपये) हो सकती है. दूसरे वेरिएंट की कीमत £899 (लगभग 99,634 रुपये) हो सकती है. यानी इस बार कीमतों के मामलों में यह आईफोन को टक्कर दे सकता है, क्योंकि ऐसा लगता है जैसे भारत में भी यह इसी कीमत पर आएगा लाख रुपये देने ही होंगे. 

Monday, December 10, 2018

आठवले को भरी सभा में थप्पड़ जड़ने वाले की धुनाई, महाराष्ट्र बंद का ऐलान

महाराष्ट्र में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अाठवले के साथ भरी सभा में मारपीट की गई है. मुंबई से सटे ठाणे में एक कार्यक्रम में उन्हें एक युवक ने थप्पड़ जड़ दिया. यह घटना पुलिस की मौजूदगी में ठाणे के अंबरनाथ में हुई. थप्पड़ मारने वाले शख्स का नाम प्रवीण गोसावी है. इस घटना के बाद अाठवले समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की.

पुलिस ने बताया कि रामदास अाठवले शनिवार रात ठाणे के अंबरनाथ में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे. उन पर हमला उस समय हुआ, जब वो मंच से नीचे उतर रहे थे. थप्पड़ मारने के बाद वह भागने लगा, तो अाठवले के समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी. पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पुलिस ने बताया कि आठवले के समर्थकों की धुनाई से  चोटिल हुए हमलवार को प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस का कहना है कि हमले की वजह साफ नहीं हो पाई है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

बता दें कि मराठा आरक्षण पर रामदास अाठवले ने कहा था कि मराठा समाज को दिया गया आरक्षण कोर्ट में नहीं टिक सकेगा. वह चाहते है कि मराठा समाज को आरक्षण दिया जाए, लेकिन राज्य सरकार ने जिस तरह से आरक्षण दिया है, वह कानूनी नहीं है. अठावले पर हुआ हमला उनके इस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है.

इससे पहले गुजरात के सूरत में रामदास आठवले पर एक कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने काला कपड़ा फेंका था. जब आठवले एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, तभी यह युवक उनकी कुर्सी के पीछे आकर खड़ा हो गया था. केंद्रीय राज्यमंत्री मीडिया के सामने बोल रहे थे, तभी इस युवक ने अपनी जेब से काला कपड़ा निकाला और उनकी तरफ फेंकते हुए नारेबाजी शुरू कर दी थी. यह सब मीडिया के सामने हुआ था.

अाठवले ने कहा- हमले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार हो

अाठवले ने आरोप लगाया है कि उन पर हमले की साजिश पहले से रच ली गई थी. इस हमले के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. हमने 9 दिसंबर को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है. उधर, हमले के बाद अाठवले के समर्थक उनके घर के बाहर एकजुट हो गए. माना जा रहा है कि मामले को लेकर आज अाठवले की पार्टी और उनके समर्थक सड़क पर उतरेंगे.

Wednesday, December 5, 2018

कुंभकरण लिफ्ट योजना! राजस्थान में फिर फिसली राहुल की जुबान

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान के चलते ट्रोल हो रहे हैं. राजस्थान के झुंझुनू के सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी श्रवण कुमार के समर्थन में बुहाना में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उनकी जुबान फिसल गई. इसके चलते राहुल और पार्टी दोनों की जमकर फजीहत हो रही है.

राहुल गांधी ने कुंभाराम लिफ्ट योजना को कुंभकरण लिफ्ट योजना कह दिया, जिसके बाद पांडाल में हंसी के ठहाके गूंज पड़े.  दरअसल, राहुल पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा झुंझुनू जिले में कराए गए विकास कार्यों को गिनाते हुए मीठे पानी के लिए कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना के जिक्र करना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने  कुंभाराम लिफ्ट कैनाल योजना की जगह कुंभकरण लिफ्ट योजना कह डाला

मंच पर मौजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व जलदाय मंत्री एवं खेतड़ी विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी को योजना का सही नाम बताया. इसके बाद राहुल ने अपनी इस गलती को तुरंत सुधार करते हुए परियोजना के नाम का सही उच्चारण किया.
इसके बाद राहुल ने कहा कि उन्होंने पहले फेज में इस योजना के लिए 955 करोड़ रुपये दिए. 3,200 करोड़ रुपये झुंझुनू और आसपास के जिलों के लिए दिया था. बीजेपी ने पांच साल में कुछ नहीं किया.

बता दें कि राहुल गांधी इससे पहले भी जुबान फिसल जाने के चलते कई बार ट्रोल हो चुके हैं. इससे पहले उन्होंने राजस्थान में ही किसान दवा की फैक्ट्री में फसल बेचने जैसा बयान दिया था. यूपी में उन्होंने आलू की फैक्ट्री वाला बयान दिया था. इस पर वो काफी ट्रोल हुए थे.  छत्तीसगढ़ में एक रैली के दौरान उन्होंने BHEL को मोबाइल निर्माता कंपनी बताई थी. उन्होंने कहा था कि ये जो मोबाइल है, ये इन्होंने BHELसे क्यों नहीं खरीदा? राहुल गांधी ने BHEL दो-तीन बार दोहराया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष को अपनी पार्टी के नेताओं के नाम, युगों के नाम कुछ नहीं पता है. कांग्रेस के नेता कुंभाराम में इनके अध्यक्ष को कुंभकरण दिखाई देता है, ये कुंभकरण के गीत गाते रहते हैं. तो सोते ही रहेंगे. बता दें कि राहुल गांधी ने एक रैली में कुंभाराम योजना को कुंभकरण योजना कहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर दम हो तो राहुल गांधी अपनी पार्टी के सभी अध्यक्षों के नाम एक क्रम में बिना कागज लिए बता दें.

बता दें कि मंगलवार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में तीन रैलियों को संबोधित किया था. मंगलवार को पीएम मोदी हनुमानगढ़, सीकर और फिर जयपुर पहुंचे थे.

गौरतलब है कि राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से 199 पर 7 दिसंबर को मतदान होना है. एक सीट पर मतदान प्रत्याशी के निधन होने के कारण नहीं हो पाएगा, राज्य के चुनावी नतीजे 11 दिसंबर को अन्य राज्यों के साथ ही आएंगे.