कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान के चलते ट्रोल हो रहे हैं. राजस्थान के झुंझुनू के सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी श्रवण कुमार के समर्थन में बुहाना में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उनकी जुबान फिसल गई. इसके चलते राहुल और पार्टी दोनों की जमकर फजीहत हो रही है.
राहुल गांधी ने कुंभाराम लिफ्ट योजना को कुंभकरण लिफ्ट योजना कह दिया, जिसके बाद पांडाल में हंसी के ठहाके गूंज पड़े. दरअसल, राहुल पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा झुंझुनू जिले में कराए गए विकास कार्यों को गिनाते हुए मीठे पानी के लिए कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना के जिक्र करना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने कुंभाराम लिफ्ट कैनाल योजना की जगह कुंभकरण लिफ्ट योजना कह डाला
मंच पर मौजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व जलदाय मंत्री एवं खेतड़ी विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी को योजना का सही नाम बताया. इसके बाद राहुल ने अपनी इस गलती को तुरंत सुधार करते हुए परियोजना के नाम का सही उच्चारण किया.
इसके बाद राहुल ने कहा कि उन्होंने पहले फेज में इस योजना के लिए 955 करोड़ रुपये दिए. 3,200 करोड़ रुपये झुंझुनू और आसपास के जिलों के लिए दिया था. बीजेपी ने पांच साल में कुछ नहीं किया.
बता दें कि राहुल गांधी इससे पहले भी जुबान फिसल जाने के चलते कई बार ट्रोल हो चुके हैं. इससे पहले उन्होंने राजस्थान में ही किसान दवा की फैक्ट्री में फसल बेचने जैसा बयान दिया था. यूपी में उन्होंने आलू की फैक्ट्री वाला बयान दिया था. इस पर वो काफी ट्रोल हुए थे. छत्तीसगढ़ में एक रैली के दौरान उन्होंने BHEL को मोबाइल निर्माता कंपनी बताई थी. उन्होंने कहा था कि ये जो मोबाइल है, ये इन्होंने BHELसे क्यों नहीं खरीदा? राहुल गांधी ने BHEL दो-तीन बार दोहराया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष को अपनी पार्टी के नेताओं के नाम, युगों के नाम कुछ नहीं पता है. कांग्रेस के नेता कुंभाराम में इनके अध्यक्ष को कुंभकरण दिखाई देता है, ये कुंभकरण के गीत गाते रहते हैं. तो सोते ही रहेंगे. बता दें कि राहुल गांधी ने एक रैली में कुंभाराम योजना को कुंभकरण योजना कहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर दम हो तो राहुल गांधी अपनी पार्टी के सभी अध्यक्षों के नाम एक क्रम में बिना कागज लिए बता दें.
बता दें कि मंगलवार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में तीन रैलियों को संबोधित किया था. मंगलवार को पीएम मोदी हनुमानगढ़, सीकर और फिर जयपुर पहुंचे थे.
गौरतलब है कि राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से 199 पर 7 दिसंबर को मतदान होना है. एक सीट पर मतदान प्रत्याशी के निधन होने के कारण नहीं हो पाएगा, राज्य के चुनावी नतीजे 11 दिसंबर को अन्य राज्यों के साथ ही आएंगे.
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