Wednesday, May 8, 2019

खुद को कुशल कारोबारी बताने वाले ट्रम्प को 10 साल में 8073 करोड़ रु. का घाटा हुआ था

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 1985 से 1994 के बीच कैसिनो और रिएल एस्टेट के बिजनेस में 1.17 अरब डॉलर (8073 करोड़ रुपए) का घाटा हुआ था। घाटे की वजह से ट्रम्प को इन 10 सालों में 8 बार कोई टैक्स भरने की जरूरत भी नहीं पड़ी। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवायटी) ने ट्रम्प के टैक्स रिटर्न्स से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया है। ये दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह रिपोर्ट इसलिए अहम है क्योंकि 2016 में राष्ट्रपति के चुनाव के प्रचार में ट्रम्प ने खुद को कुशल कारोबारी और मोलभाव करने में माहिर बताया था।

ट्रम्प को 2 साल में 50 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ था
एनवायटी की रिपोर्ट के मुताबिक 1990 में ट्रम्प को बिजनेस में 25 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। 1991 में भी इतना ही घाटा हुआ। यह उच्च आय वाले किसी अन्य अमेरिकी इंडिविजुअल के घाटे की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा था।

ऐसा नहीं है कि ट्रम्प को कभी फायदा ही नहीं हुआ हो। ट्रम्प ने 1985 में मैनहट्टन के मोरिट्स होटल को 7.37 करोड़ डॉलर में खरीदा था। 1989 में इसे 18 करोड़ डॉलर में बेचा। लेकिन ट्रम्प का घाटा इतना ज्यादा था कि उस साल भी उन्हें टैक्स नहीं चुकाना पड़ा।

2016 में राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने बेटे को कारोबार संभला दिया था। राष्ट्रपति बनने के बाद टैक्स रिटर्न की जानकारी देने से इनकार कर उन्होंने दशकों पुरानी परंपरा भी तोड़ दी। उन्होंने कहा कि जब तक उनके रिटर्न का ऑडिट नहीं हो जाता वो जानकारी नहीं दे सकते। ट्रम्प के टैक्स संबंधी आंकड़ों के जरिए डेमोक्रेट्स इस बात की जांच करना चाहते हैं कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है क्योंकि ट्रम्प बिजनेस से भी जुड़े हुए हैं।

राज्य के पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से कहा कि घटना में पांच लोगो को नामज़द किया गया है और अभियुक्तों की तलाश के लिए 14 टीमें गठित की गई हैं.

डीजीपी गर्ग ने कहा कि पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया है. पीड़िता की मेडिकल और फॉरेंसिक जांच की जा रही है.

प्रदर्शन में शामिल अलवर ज़िले के दलित कार्यकर्ता चरण सिंह ने बीबीसी को बताया कि घटना 26 अप्रैल की है. पीड़िता अपने पति के साथ मोटरसाइकिल पर जा रही थी. तभी पांच लोगो ने उन्हें घेर कर रोक लिया और सुनसान जगह ले जाकर पति के सामने ही पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया.

दलित संगठनों का आरोप है कि अभियुक्त घटना का वीडियो बनाते रहे और पति को बेरहमी से पीटते रहे. इन संगठनों के मुताबिक़ पीड़िता रहम की गुहार करती रही मगर अभियुक्तों ने उसे अनसुना कर दिया.

विरोध प्रदर्शन के आयोजकों में से एक सम्यक समाज संघ के रामस्वरूप बौद्ध पीड़ित परिवार से मिल कर लौटे हैं.

बौद्ध ने बीबीसी से कहा इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है. वो कह रहे थे हमारा तो जीवन ही व्यर्थ हो गया.

बौद्ध कहते हैं, "आप उस दंपती की वेदना और पीड़ा का अनुमान नहीं लगा सकते. वे शोक में हैं."

ग़ैरसरकारी संगठन 'डेमोक्रेटिक इंडिया' के महेश वर्मा भी इस विरोध में शामिल थे.

वर्मा ने बताया कि पीड़ित दंपती जब अभियुक्तो की धमकियों और हरकतों से परेशान हो गई तो दो मई को पुलिस से कार्रवाई की मांग की. इसके बाद मामला दर्ज किया गया मगर गिरफ़्तारी नहीं की गई.

महेश वर्मा का आरोप है कि पुलिस ने चुनाव को ध्यान में रखकर मामले को रोके रखा. हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है.

थानागाजी क्षेत्र में लोग सड़कों पर उतरे तो बीजेपी के राज्य सभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी मौक़े पर पहुंचे और अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

दलित अधिकार केंद्र के पीएल मीमरोठ कहते हैं, "दलितों के ख़िलाफ़ अत्याचारों के मामले में राजस्थान देश में कभी दूसरे और कभी तीसरे स्थान पर आता है. बहुत सारे मामले तो सामने आ ही नहीं पाते. दलित अधिकार केंद्र ने मौक़े पर अपनी टीम भेजने की बात कही है."

दलित कार्यकर्ता रामस्वरूप बौद्ध कहते हैं कि पिछले साल अलवर के भिवाड़ी में होली के दिन एक दलित की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई.

बौद्ध कहते हैं कि इन घटनाओं ने दलित समाज को हिला कर रख दिया है. इसके विरोध में दलित संगठन बुधवार को अलवर में विरोध प्रदर्शन करेंगे.

बौद्ध कहते हैं कि उन पुलिस अधिकारियो के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करेंगे, जिन्होंने कार्रवाई करने से गुरेज किया.

पुलिस के अनुसार इस घटना में इंद्राज गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके अलावा छोटे लाल, महेश गुर्जर, हंसराज और अशोक को भी नामज़द किया गया है.

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